नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। आपातकाल की 51वीं बरसी पर सिन्हा कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के तत्वावधान में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को आपातकाल के दौर के अनुभवों और लोकतांत्रिक मूल्यों से परिचित कराना था। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मुख्य वक्ता के रूप में आपातकाल के दौरान जेल जा चुके समाजसेवी ज्ञानेश्वर सिंह और अजय श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
दोनों वक्ताओं ने अपनी जेल यात्रा, संघर्षों और आपातकाल के दौरान हुए घटनाक्रमों को साझा करते हुए उस दौर की ज्यादतियों से छात्रों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र की जड़ें आज पहले से अधिक मजबूत हुई हैं और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के प्रति समाज की जागरूकता बढ़ी है। विषय प्रवेश प्रबंधन अध्ययन विभागाध्यक्ष बहादुर भीम कुमार ने कराया। कार्यक्रम का संचालन एनएसएस समन्वयक संजीव रंजन ने किया।
अध्यक्षीय संबोधन में हिंदी विभाग के व्याख्याता रमेश सिंह ने आपातकाल को एक प्रवृत्ति बताते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण पर बल दिया। कार्यक्रम में प्रेमशंकर गोंड और रणजीत ने भी अपने विचार व्यक्त किए। छात्र-छात्राओं में पम्मी, सुनयना, तान्या, रानी और रितिका ने विषय पर अपने विचार रखे, जिन्हें उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए पुरस्कृत किया गया।
अंत में कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. निहारिका ने धन्यवाद ज्ञापन किया। सफल आयोजन पर प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार मिश्रा ने सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को शुभकामनाएं प्रेषित कीं।