नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। जिले के सुप्रसिद्ध इतिहासकार, चिंतक एवं शिक्षाविद् स्वर्गीय प्रो. टी.एन. सिन्हा की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर आगामी 3 जुलाई को उनके जीवन एवं कृतित्व पर आधारित पुस्तक ‘चरैवेति : एक जीवन यात्रा’ का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया जाएगा। यह पुस्तक उनके व्यक्तित्व, शैक्षणिक योगदान, वैचारिक यात्रा तथा समाज के प्रति उनके समर्पण का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज मानी जा रही है।
स्व. प्रो. टी.एन. सिन्हा का निधन 3 जुलाई 2025 को हुआ था। अपने लंबे शैक्षणिक जीवन में उन्होंने इतिहास, समाजशास्त्र, दर्शन और संस्कृति के विविध आयामों पर गंभीर अध्ययन एवं शोध कार्य किया। विशेष रूप से औरंगाबाद जिले के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक विकास से जुड़े विषयों पर उनका कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। उन्होंने जिले के अतीत को शोधपरक दृष्टि से समाज के सामने प्रस्तुत करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई थी।
प्रो. सिन्हा केवल एक इतिहासकार ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शिक्षक थे जिन्होंने अपने ज्ञान, सरलता और मानवीय मूल्यों से हजारों विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उनके शिष्य आज देश-विदेश के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं और अपने गुरु के आदर्शों को आगे बढ़ा रहे हैं। उनकी विद्वता, अनुशासन, अध्ययनशीलता और समाज के प्रति प्रतिबद्धता ने उन्हें शिक्षा जगत में एक विशिष्ट पहचान दिलाई।
उनके जीवन के इन्हीं प्रेरक पक्षों को उनके पुत्र प्रशांत कुमार ने पुस्तक ‘चरैवेति : एक जीवन यात्रा’ में संवेदनशीलता और प्रामाणिकता के साथ प्रस्तुत किया है। पुस्तक में प्रो. सिन्हा के बचपन, शिक्षा, अध्यापन, शोध कार्यों, सामाजिक सरोकारों, संघर्षों तथा उनके वैचारिक दर्शन का विस्तृत वर्णन किया गया है। साथ ही उनके जीवन से जुड़े कई ऐसे संस्मरण और प्रसंग भी शामिल किए गए हैं, जो अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए थे।
लोकार्पण समारोह में राज्य के अनेक शिक्षाविद्, साहित्यकार, इतिहासकार, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता तथा स्व. प्रो. सिन्हा के शिष्य और शुभचिंतक शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान उनके जीवन और योगदान पर चर्चा की जाएगी तथा उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
इस अवसर पर लेखक प्रशांत कुमार अपने पिता के जीवन से जुड़े संस्मरण साझा करेंगे और पुस्तक लेखन की पृष्ठभूमि पर भी प्रकाश डालेंगे। आयोजकों का मानना है कि यह पुस्तक केवल एक व्यक्ति की जीवनी नहीं, बल्कि ज्ञान, साधना, समर्पण और सतत कर्मशीलता की प्रेरक गाथा है, जो आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा, शोध और समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित करेगी।
स्व. प्रो. टी.एन. सिन्हा का जीवन इस बात का उदाहरण रहा कि ज्ञान का वास्तविक उद्देश्य समाज को दिशा देना और नई पीढ़ी को बेहतर भविष्य के लिए तैयार करना है। ‘चरैवेति : एक जीवन यात्रा’ उनके इसी प्रेरणादायी जीवन-दर्शन को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।