गांधी मैदान समेत सभी ईदगाहों में उमड़ी भीड़, मुल्क की सलामती और भाईचारे की मांगी दुआ
नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढ़ी। गुरुवार को ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का पर्व पूरे उत्साह, श्रद्धा और भाईचारे के साथ मनाया गया। गांधी मैदान और पुरानी बाजार ईदगाह सहित शहर एवं ग्रामीण इलाकों की विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में हजारों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सामूहिक नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी और अमन-चैन की दुआ मांगी।

त्योहार को लेकर अनुमंडल प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। मसौढ़ी अनुमंडल क्षेत्र में कुल 41 संवेदनशील स्थलों को चिह्नित किया गया था, जबकि 29 स्थानों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बीच नमाज अदा की गई। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती के कारण पूरे इलाके में शांतिपूर्ण माहौल बना रहा।
एसडीएम ने लोगों को ईद-उल-अजहा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता शांति और सौहार्द बनाए रखना है तथा लोगों के सहयोग से त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

रहमतगंज जामा मस्जिद के मौलाना जहूर इमाम ने बताया कि नमाज के दौरान मुल्क की खुशहाली, तरक्की, अमन और भाईचारे के लिए विशेष दुआ मांगी गई। साथ ही अल्लाह से कुर्बानी कबूल करने की प्रार्थना की गई। नमाज के बाद बड़ी संख्या में लोग कब्रिस्तान पहुंचे और फातिहा पढ़कर अपने पूर्वजों को याद किया।
मौलाना जहूर इमाम ने कहा कि कुर्बानी इस्लाम में बेहद अहम मानी जाती है। कुर्बानी के गोश्त के तीन हिस्से किए जाते हैं, जिसमें एक हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों को दिया जाता है, दूसरा हिस्सा रिश्तेदारों, दोस्तों और पड़ोसियों में बांटा जाता है तथा तीसरा हिस्सा अपने परिवार के उपयोग में लाया जाता है।
उन्होंने बताया कि बकरीद का पर्व पैगंबर हजरत इब्राहिम और हजरत इस्माइल की महान कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। नमाज के बाद लोगों ने बकरा और अन्य पशुओं की कुर्बानी दी तथा समाज में भाईचारा, प्रेम और मानवता बनाए रखने का संदेश दिया।
शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक त्योहार को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिला। लोगों ने एक-दूसरे के घर जाकर बकरीद की बधाई दी और जरूरतमंदों की मदद करने की अपील भी की।