एक साल से जबरन कराया जा रहा था काम, मारपीट और भोजन नहीं देने का आरोप, 35 मजदूरों को कराया गया रेस्क्यू
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
सासाराम। कर्नाटक के चामराजनगर जिले के रामपुरा थाना क्षेत्र में करीब एक साल से बंधक बनाकर रखे गए मजदूरों में शामिल रोहतास जिले के एक मजदूर को कर्नाटक पुलिस ने मुक्त करा लिया है। इंद्रपुरी थाना क्षेत्र के शंकरपुर बढ़िहा निवासी मजदूर विकास कुमार को रेस्क्यू करने के बाद कर्नाटक पुलिस की टीम उसे लेकर रविवार को सासाराम पहुंची और जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा को सुपुर्द किया।
बताया जाता है कि चामराजनगर जिले के रामपुरा क्षेत्र में बिहार सहित विभिन्न स्थानों के करीब 35 मजदूरों को कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया था। मजदूरों से जबरन काम कराया जाता था और उन्हें मजदूरी का भुगतान भी नहीं किया जा रहा था। मजदूरों के साथ मारपीट और प्रताड़ना किए जाने के भी आरोप सामने आए हैं। इसके अलावा वहां अनैतिक गतिविधियां कराए जाने की बात भी सामने आई है।
मामले की जानकारी स्थानीय ग्राम पंचायत सभा और किसान संघ के सदस्यों को मिलने के बाद उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद कर्नाटक पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बंधक बनाए गए 35 मजदूरों को मुक्त कराया। रेस्क्यू किए गए मजदूरों में रोहतास जिले के इंद्रपुरी थाना क्षेत्र के शंकरपुर बढ़िहा निवासी विकास कुमार भी शामिल था। कर्नाटक पुलिस उसे अपने साथ लेकर सासाराम पहुंची और जिला प्रशासन को सौंप दिया।
बंधन से मुक्त होकर सासाराम पहुंचे विकास कुमार ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उसे करीब एक साल तक काफी प्रताड़ना झेलनी पड़ी। उसके साथ मारपीट की जाती थी और कई बार खाना तक नहीं दिया जाता था। उसे एक परिसर के अंदर ही रखा जाता था और बाहर निकलने की इजाजत नहीं थी। उससे जबरन गन्ने के खेत में काम कराया जाता था। काम के बदले मजदूरी भी नहीं दी जाती थी।
विकास के अनुसार, वहां मजदूरों के साथ लगातार दबाव और भय का माहौल बना हुआ था। किसी तरह स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस की मदद से उसे और अन्य मजदूरों को बंधन से मुक्ति मिली।
कर्नाटक के संबंधित गांव के ग्राम पंचायत सचिव महादेव यरु भी विकास कुमार के साथ बिहार पहुंचे। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत और किसान संघ ने मिलकर मजदूरों की स्थिति की जानकारी जुटाई और उनके रेस्क्यू के लिए पहल की। इसके बाद कर्नाटक पुलिस के सहयोग से सभी मजदूरों को मुक्त कराया गया।
उन्होंने बताया कि रेस्क्यू किए गए मजदूरों में बिहार के रोहतास जिले का विकास कुमार भी था। उसे सुरक्षित तरीके से उसके गृह जिले तक पहुंचाकर जिला प्रशासन को सौंप दिया गया है। प्रशासन की ओर से अब मजदूर की आगे की सहायता और आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।