नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढ़ी। नौकरी दिलाने के नाम पर महिलाओं और मासूम बच्चियों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए धनरूआ पुलिस ने दो महिला सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दो माह की मासूम बच्ची को सकुशल बरामद कर उसके पिता को सौंप दिया। इस कार्रवाई को धनरूआ पुलिस, जहानाबाद जीआरपी और आरपीएफ के संयुक्त अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
गिरफ्तार महिलाओं की पहचान मिता भौमिक (पति विकास भौमिक), निवासी खरसिया, जिला रायगढ़ (छत्तीसगढ़) तथा सुनीता भट्टाचार्य (पति पार्थ भट्टाचार्य), निवासी दुर्गानगर, जिला नॉर्थ 24 परगना (पश्चिम बंगाल) के रूप में हुई है। मामला धनरूआ थाना कांड संख्या 434/26 से संबंधित है।
पुलिस के अनुसार, पभेड़ा गांव निवासी पूजा कुमारी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 23 जून 2026 को गांव की ही सुशीला देवी उसे नौकरी दिलाने के बहाने बच्चों सहित पटना ले गई। वहां सुनीता देवी, उसके पति अनिल राम और नीलू देवी ने उसे राजस्थान के कोटा में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसी दौरान उसकी दो माह की बेटी साधना कुमारी को रिश्तेदार के पास रखने का बहाना बनाकर अपने साथ ले लिया। बाद में आरोपितों ने कोटा पहुंचकर बताया कि बच्ची को बेच दिया गया है और अब उसे वापस लाना संभव नहीं है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए धनरूआ पुलिस ने तकनीकी एवं मानवीय सूचनाओं के आधार पर लगातार जांच जारी रखी। इसी क्रम में जहानाबाद आरपीएफ एवं जीआरपी के सहयोग से ट्रेन संख्या 03254 फ्री फायर स्पेशल के स्लीपर कोच में छापेमारी कर दोनों महिला आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया।
कार्रवाई के दौरान दो माह की मासूम साधना कुमारी को सकुशल बरामद किया गया। इसके बाद जहानाबाद जंक्शन जीआरपी थाना में बच्ची को उसके पिता राजू गिरी की गोद में सौंप दिया गया। बाद में धनरूआ थाना की एएसआई नीतू झा दोनों गिरफ्तार महिलाओं को अपने साथ धनरूआ थाना लेकर पहुंचीं, जहां उनसे पूछताछ के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह मामला अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। गिरोह से जुड़े अन्य आरोपितों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। मासूम बच्ची के सुरक्षित मिलने से उसके परिजनों ने राहत की सांस ली और संयुक्त पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।