नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
आरा। भोजपुर जिले में नशामुक्त बिहार अभियान को लेकर महिलाओं ने बड़ी पहल की है। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रभु दर्शन भवन, गोढ़ना रोड, आरा की बहनों के नेतृत्व में जिले में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। 1 नवंबर से 7 नवंबर 2026 तक चलने वाले इस अभियान के तहत अब तक जिले के 8 प्रखंडों की 1993 जीविका दीदियां नशे के खिलाफ प्रतिज्ञा ले चुकी हैं। यह अभियान जिले के सभी 14 प्रखंडों में चलाया जाएगा।
यह अभियान राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के मेडिकल विंग और बिहार सरकार के मद्य निषेध विभाग के बीच हुए समझौता ज्ञापन के तहत संचालित किया जा रहा है। 27 अक्टूबर 2026 को पटना के अधिवेशन भवन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘नशामुक्त बिहार अभियान-2026’ की राज्यव्यापी शुरुआत की थी। इसी कड़ी में भोजपुर जिले में 1 से 7 नवंबर तक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान के तहत अब तक भोजपुर के आठ प्रखंडों में जीविका दीदियों को नशामुक्ति का संकल्प दिलाया गया है। प्रखंडवार प्रतिज्ञा लेने वाली जीविका दीदियों की संख्या इस प्रकार है। प्रखंड जीविका दीदियों की संख्या अगिआंव 473, बड़हरा 335, आरा सदर 273, कोईलवर 252, जगदीशपुर 210, चरपोखरी 200, गड़हनी 130, बिहिया 120, कुल 1993 है।
इस अभियान में गोढ़ना सेवा केंद्र की बीके रूपा बहन और बीके सुरभि बहन की अहम भूमिका है। दोनों बहनें विभिन्न प्रखंडों में पहुंचकर जीविका दीदियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक कर रही हैं। कार्यक्रमों में शराब, गुटखा, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान की विस्तार से जानकारी दी जा रही है। जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान बताया जा रहा है कि नशे की लत से कैंसर, लीवर संबंधी बीमारियां, मानसिक तनाव और आर्थिक परेशानियां पैदा होती हैं। इसका सबसे अधिक असर परिवार और बच्चों पर पड़ता है। नशे की वजह से पारिवारिक रिश्ते प्रभावित होते हैं और बच्चों को माता-पिता का उचित स्नेह एवं देखभाल नहीं मिल पाती है।
इस दौरान जीविका दीदियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगी। साथ ही अपने पति, बेटों और परिवार के अन्य सदस्यों को भी नशे से बचाने का प्रयास करेंगी। उन्होंने अपने गांव को नशामुक्त बनाने में भी सक्रिय भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता जताई। सेवा केंद्र की बहनों ने बताया कि यह जागरूकता अभियान 7 नवंबर तक भोजपुर जिले के सभी 14 प्रखंडों में चलाया जाएगा। जिन प्रखंडों में अभी कार्यक्रम आयोजित नहीं हुए हैं, वहां भी जीविका दीदियों के साथ जागरूकता और प्रतिज्ञा कार्यक्रम किए जाएंगे। अभियान के अंत में सभी दीदियों ने एकजुट होकर नशामुक्त बिहार बनाने का संकल्प लिया।