नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
मुजफ्फरपुर। गोबरसही-डुमरी रोड पर हुई दिल दहला देने वाली घटना के बाद पुलिस प्रशासन एक्शन मोड में आ चुका है। एसआईटी ने साक्ष्यों की कड़ी जोड़ते हुए आईओसीएल और पथ निर्माण विभाग पर शिकंजा कसा है। मौके पर मौजूद रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जा रही है। फॉरेंसिक जांच के लिए गैस सिलेंडर भेजा गया है। मुजफ्फरपुर के गोबरसही-डुमरी रोड पर हुए पीएनजी पाइपलाइन विस्फोट की जांच एसआईटी ने तेज कर दी है। सदर थानेदार द्वारा इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड और पथ निर्माण विभाग को पत्र लिखकर मौके पर तैनात कर्मियों, ठेकेदारों और मुंशियों का पूरा ब्यौरा मांगा गया है। साथ ही, 30 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और फरार जेसीबी चालक विपिन कुमार की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
सबसे बड़ा सच यही है कि चालक तो सिर्फ एक मोहरा है। असली गुनहगार वो सरकारी अफसर और संवेदक (ठेकेदार) हैं जिन्होंने बिना किसी सुरक्षा ऑडिट और बिना नक्शे के घनी आबादी वाले क्षेत्र में इतनी संवेदनशील खुदाई की अनुमति दे दी। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा ट्विस्ट घटनास्थल के पास एक घर से मिले गैस सिलेंडर की बरामदगी से आया है। पुलिस ने इसे विधिवत जब्त कर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेज दिया है। जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या पीएनजी पाइपलाइन से लीक हुई गैस ने इस सिलेंडर के साथ मिलकर ब्लास्ट के प्रभाव को 10 गुना ज्यादा घातक बनाया? फॉरेंसिक वैज्ञानिकों की तकनीकी रिपोर्ट तय करेगी कि यह सिर्फ एक मानवीय भूल थी या फिर एक विस्फोटक प्रशासनिक लापरवाही।
मुजफ्फरपुर का गोबरसही-डुमरी मार्ग ‘टाइम बम’ पर खड़ा था, जो अधिकारियों की कथित लापरवाही से फट गया। एक हंसते-खेलते कोचिंग संचालक की जान चली गई और दर्जनों घर दहल उठे, लेकिन सवाल यह है कि इस खूनी लापरवाही का असली मास्टरमाइंड कौन है? क्या यह सिर्फ एक अनियंत्रित जेसीबी की गलती थी, या फिर पर्दे के पीछे सरकारी विभागों के बीच तालमेल की वो बड़ी विफलता है, जिसे दबाने की कोशिश की जा रही थी? जिला पुलिस की विशेष जांच टीम ने अब इस बड़े सिंडिकेट की कड़ियों को जोड़ना शुरू कर दिया है।
गोबरसही-डुमरी क्षेत्र में हुए पाइपलाइन ब्लास्ट के बाद अब न्याय और सच्चाई की बारी है। पुलिस की विशेष टीम यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर किसकी छोटी सी चूक से एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया और कई लोग घायल हो गए। आसपास के घरों के सीसीटीवी फुटेज और एफएसएल रिपोर्ट से जल्द ही इस हादसे के असली गुनहगार बेनकाब होंगे।