नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
सुपौल। आधुनिक दौर में मोबाइल फोन पर होने वाले प्रेम प्रसंग किस कदर खतरनाक साबित हो सकते हैं, इसकी एक बानगी सुपौल में देखने को मिली है। महज 9 महीने पहले जिस रिश्ते की शुरुआत सात फेरों के साथ हुई थी, उसका अंत पेट्रोल की लपटों के साथ हुआ। मुजफ्फरपुर की दामिनी देवी को क्या पता था कि जिस पति के बुलावे पर वह भरोसा करके सुपौल आई थी, वही उसकी जान का दुश्मन बन जाएगा।यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं है, बल्कि यह उस सामाजिक कड़वाहट को भी दर्शाती है जहां शादी के बाद लड़की को ससुराल में स्वीकार नहीं किया गया और अंततः सुनसान नहर की पटरी पर उसे जिंदा जला दिया गया। ग्रामीणों ने तड़पती हुई दामिनी को बचाने की कोशिश जरूर की, लेकिन वह जिंदगी की जंग हार गई। पुलिस अब आरोपी संजीव कुमार साह की तलाश कर रही है, लेकिन यह वाकया समाज के लिए एक बड़ा सबक छोड़ गया है कि अनजान डिजिटल रिश्तों पर आंख मूंदकर भरोसा करना कितना आत्मघाती हो सकता है।

मुझे क्या पता था कि वो मुझे जलाने के लिए बुला रहा है…” सुपौल सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तड़पते हुए दामिनी के ये आखिरी शब्द किसी के भी रोंगटे खड़े करने के लिए काफी हैं। लालमनपट्टी गांव के पास उप शाखा नहर की पटरी पर शनिवार की शाम जो कुछ भी हुआ, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। एक पति ने अपनी ही पत्नी को जिंदा जला दिया और जब वह मदद के लिए चिल्ला रही थी, तो वह उसका फोन छीनकर भाग निकला। शरीर में लगी धधकती आग के साथ दामिनी करीब आधा किलोमीटर तक बदहवास दौड़ती रही। ग्रामीणों ने जब एक युवती को आग का गोला बने अपनी ओर आते देखा, तो उनके पैर तले जमीन खिसक गई। ग्रामीणों की तत्परता से उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। मोबाइल की घंटी से शुरू हुआ यह सफर अस्पताल के वार्ड में दामिनी की आखिरी सांसों के साथ थम गया। पुलिस अब उस बेदर्द पति की तलाश में छापेमारी कर रही है, जिसने सात जन्मों के वादे को नौ महीने में ही खाक कर दिया।

दामिनी ने बताया कि सुपौल जिले के भपटियाही थाना क्षेत्र अंतर्गत लोकहा पंचायत के वार्ड नंबर 3 निवासी संजीव कुमार साह से उसका संपर्क मोबाइल फोन के जरिए हुआ था। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातें बढ़ने लगीं और यह बातचीत गहरे प्रेम प्रसंग में बदल गई। इसके बाद करीब 9 माह पूर्व दोनों की शादी संपन्न हुई। शादी के बाद दामिनी ससुराल भी आई थी, लेकिन ससुराल के लोगों ने उसे स्वीकार नहीं किया और प्रताड़ित कर ससुराल में रहने नहीं दिया, जिसके बाद वह मुजफ्फरपुर स्थित अपने मायके में रहने लगी थी।

दामिनी ने रोते हुए बताया कि 24 अक्टूबर को उसके पति संजीव कुमार साह ने मुजफ्फरपुर फोन कर उसे मिलने के लिए बुलाया। पति की बातों पर भरोसा कर वह आ गई, जिसके बाद संजीव उसे अपनी मोटरसाइकिल पर बिठाकर दिनभर इधर-उधर घुमाता रहा। शाम ढलते ही वह उसे रतनपुर थाना क्षेत्र के लालमनपट्टी गांव के पास उप शाखा नहर की सुनसान पटरी पर ले गया। वहां पहुंचते ही संजीव ने अचानक बोतल से पेट्रोल निकाला और दामिनी के ऊपर उड़ेल दिया। इसके पहले कि वह कुछ समझ पाती, संजीव ने माचिस जलाकर उसे आग के हवाले कर दिया। आग लगते ही दामिनी चीखने लगी, लेकिन पति बचाने के बजाय उसका मोबाइल फोन और सारा सामान छीनकर बाइक से मौके से फरार हो गया। शरीर में आग लगने के बाद दामिनी बदहवास होकर नहर की पटरी से करीब आधा किलोमीटर दूर स्थित ग्रामीण बस्ती की ओर दौड़ी। आग का गोला बनी युवती को चिल्लाते हुए अपनी ओर आते देख ग्रामीणों के रोंगटे खड़े हो गए। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए किसी तरह आग पर काबू पाया और तुरंत डायल 112 को सूचना देकर उसे सुपौल सदर अस्पताल भिजवाया। ससदर अस्पताल में इलाज के क्रम में दामिनी ने दम तोड़ दिया। मृतका की पहचान दामिनी देवी पिता राजकुमार मंडल उम्र लगभग 20 वर्ष, मुजफ्फरपुर।
घटना की सूचना मिलते ही भपटियाही तथा रतनपुर थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतका के बयान और मुजफ्फरपुर में मौजूद परिजनों के आवेदन के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपित पति संजीव कुमार साह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही।