नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मोकामा। गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से मोकामा प्रखंड के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। रविवार को कसहा दियारा, जंजीरा दियारा के शिवनार, बरहपुर सहित कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। शिवनार और बरहपुर में घरों व सड़कों पर घुटने तक पानी जमा हो गया है।
बताया गया कि हाथीदह में गंगा का जलस्तर 43.52 मीटर तक पहुंच गया है। वर्ष 2021 में भी यहां 43.52 मीटर का उच्चतम बाढ़ स्तर दर्ज किया गया था। जलस्तर में वृद्धि जारी रहने से लोगों में चिंता बढ़ गई है।
शिवनार और बरहपुर के समीप एनएच-31 पर करीब दो फीट पानी बह रहा है। वहीं, हाथीदह के महेंद्रपुर गांव में मोकामा-लखीसराय मुख्य मार्ग एनएच-80 पर भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इससे आवागमन प्रभावित हुआ है।
मोकामा नगर परिषद क्षेत्र के कई वार्डों में भी पानी घुस गया है। तपस्वी जी घाट की ओर से बढ़ रहा पानी थाना चौक के समीप तक पहुंच गया है। मरांची दक्षिणी पंचायत और शेरपुर के ग्रामीण इलाकों में भी कई घरों में पानी प्रवेश कर गया है।
बाढ़ के कारण खेतों में पानी भरने से किसानों को नुकसान हो रहा है। कई घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान भी खराब हो गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से उनकी परेशानी बढ़ गई है।
मोकामा अंचलाधिकारी लवली कुमारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी रवि कुमार ने जलमग्न इलाकों का जायजा लिया तथा प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं जानीं।
मोकामा थानाध्यक्ष कुणाल कुमार ने बताया कि एनएच पर जलस्तर बढ़ने के कारण लोगों को सतर्क किया जा रहा है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। लोगों से गंगा घाटों पर स्नान नहीं करने और नदी से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतें और किसी भी तरह का जोखिम न उठाएं।