नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। श्रम अधीक्षक, औरंगाबाद के द्वारा गठित धावा दल द्वारा जिले के विभिन्न प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान औरंगाबाद सदर अंतर्गत न्यू कंपनी टी कार्नर, धर्मशाला रोड से 2 बाल श्रमिक तथा मदनपुर स्थित खाना होटल, जीटी रोड से 1 बाल श्रमिक को विमुक्त कराया गया। विमुक्त किए गए सभी बाल श्रमिकों को तत्काल सहायता के रूप में 3,000 प्रति बाल श्रमिक की राशि प्रदान की गई। सभी विमुक्त बाल श्रमिकों को आवश्यक कार्रवाई हेतु बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
दोषी नियोजकों के विरुद्ध FIR दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत दोषी नियोजक को 6 माह से 2 वर्ष तक के कारावास एवं 20,000 से 50,000 तक के जुर्माने से दंडित किए जाने का प्रावधान है। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के आलोक में दोषी नियोजक से 20,000 की राशि जिला बाल कल्याण एवं पुनर्वास कोष में जमा कराई जाएगी।
धावा दल में संजीव कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, मदनपुर, रणविजय कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, कुटुम्बा, राकेश कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, औरंगाबाद सदर, विजेंद्र कुमार सिंह, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, नबीनगर तथा रोहित कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, ओबरा के साथ एनजीओ दिव्या ज्योति एवं संबंधित थाना से प्रतिनियुक्त पुलिस बल के सदस्य शामिल थे।
जिला प्रशासन द्वारा बाल श्रम के उन्मूलन एवं बाल श्रमिकों के संरक्षण के लिए नियमित रूप से धावा अभियान चलाया जा रहा है। प्रतिष्ठान संचालकों एवं आम नागरिकों से अपील है कि बाल श्रम को बढ़ावा न दें तथा बाल श्रम से संबंधित किसी भी मामले की सूचना प्रशासन को दें।