हाथीदह में 43.38 मीटर पहुंचा जलस्तर, खतरे के निशान से 1.62 मीटर ऊपर, सात स्कूलों में घुसा पानी, एनएच-31 पर थमी वाहनों की रफ्तार
नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मोकामा। गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही रिकॉर्ड वृद्धि से मोकामा प्रखंड में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। शिवनार, बरहपुर, कसहा दियारा, जंजीरा दियारा समेत कई इलाकों में पानी फैल गया है। मोकामा नगर परिषद के भी कई वार्ड प्रभावित हैं। वर्ष 2021 की बाढ़ का रिकॉर्ड भी टूटने की स्थिति में पहुंच गया है।
हाथीदह में शनिवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 43.38 मीटर दर्ज किया गया। केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार खतरे का निशान 41.76 मीटर है। यानी नदी खतरे के निशान से 1.62 मीटर ऊपर बह रही है।
बाढ़ का पानी मोकामा प्रखंड के सात स्कूलों में प्रवेश कर गया है। इन विद्यालयों को नजदीकी सुरक्षित स्कूलों से अटैच कर दिया गया है। प्रभावित विद्यालयों में कसहा दियारा और जंजीरा दियारा के अलावा मध्य विद्यालय धौरानी टोला, प्राथमिक विद्यालय शिवनार पश्चिमी टोला, प्राथमिक विद्यालय बरहपुर बिंद टोली और प्राथमिक विद्यालय नौरंगा जलालपुर शामिल हैं।
शिवनार से बरहपुर के बीच एनएच-31 पर पानी फैलने से वाहनों की रफ्तार थम गई है। बरहपुर के समीप सड़क पर करीब एक फीट पानी बह रहा है। औंटा-सिमरिया सिक्स लेन को औंटा गांव से जोड़ने वाली सड़क भी डूब गई है। टाल क्षेत्र में पानी तेजी से फैल रहा है।
शिवनार, बरहपुर और मोकामा क्षेत्र में कई एकड़ में लगी सब्जी, मक्का समेत अन्य फसलें पानी में डूब गई हैं। किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। पशुपालकों के सामने भी चारे की समस्या बढ़ती जा रही है।
मोकामा विधायक अनंत कुमार सिंह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर पीड़ितों से मुलाकात की और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने बरहपुर, शिवनार और पचमहला तक का जायजा लिया।
मोकामा अंचलाधिकारी लवली कुमारी ने बताया कि कसहा दियारा और प्रखंड मुख्यालय में कम्युनिटी किचन शुरू कर दिया गया है। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य टीमें भी तैनात हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचने की अपील की है।