नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
हाजीपुर। जिले के सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध निःशुल्क ईसीजी जांच की सुविधा गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए राहत का माध्यम बनी हुई है। सदर अस्पताल से लेकर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक जिले के कुल 19 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकीय परामर्श के बाद मरीजों को पूरी तरह मुफ्त ईसीजी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अगस्त 2025 से अगस्त 2026 के बीच जिले में 43,913 मरीजों की निःशुल्क ईसीजी जांच की गई।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पहले हृदय संबंधी जांच के लिए कई मरीजों को निजी केंद्रों का रुख करना पड़ता था। सरकारी अस्पतालों में मुफ्त सुविधा उपलब्ध होने से अब आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को काफी राहत मिल रही है। चिकित्सकों के अनुसार ईसीजी एक दर्दरहित जांच है, जिसके माध्यम से हृदय की विद्युत गतिविधि, धड़कन की गति और उसकी रिदम की जानकारी मिलती है। सीने में दर्द, तेज या अनियमित धड़कन जैसी शिकायतों में यह जांच हृदय संबंधी समस्या की पहचान में उपयोगी साबित होती है।
आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2025 से अगस्त 2026 तक सदर अस्पताल, हाजीपुर में सर्वाधिक 19,175 मरीजों की ईसीजी जांच की गई। वहीं बिदुपुर स्वास्थ्य संस्थान में 2,837, अनुमंडलीय अस्पताल महुआ में 2,720, भगवानपुर स्वास्थ्य संस्थान में 2,607, पातेपुर स्वास्थ्य संस्थान में 2,123 तथा गोरौल स्वास्थ्य संस्थान में 1,999 मरीजों ने निःशुल्क ईसीजी सुविधा का लाभ उठाया।
सिविल सर्जन डॉ. आर.के. साहु ने बताया कि ईसीजी जांच में किसी प्रकार की असामान्यता मिलने पर मरीज की स्थिति के अनुसार आगे के उच्चस्तरीय उपचार की व्यवस्था की जाती है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. कुमार मनोज द्वारा सभी स्वास्थ्य संस्थानों से प्राप्त ईसीजी प्रतिवेदनों की नियमित समीक्षा की जाती है, ताकि किसी भी तकनीकी समस्या का तत्काल समाधान किया जा सके।
जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह भी ईसीजी सेवा की लगातार समीक्षा कर रही हैं। सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी प्रत्यक्ष निगरानी में ईसीजी सेवाओं का संचालन सुनिश्चित करें। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य मरीजों को समय पर जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ हृदय संबंधी समस्याओं की पहचान और उपचार में देरी को कम करना है।