नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
मेदिनीनगर (पलामू)। महिला शिक्षिका के मातृत्व अवकाश प्रकरण में पलामू शिक्षा विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। विभाग ने लिपिक ईश्वरी दयाल राम को निलंबित कर दिया है, जबकि अरुण कुमार गिरी का प्रतिनियोजन समाप्त करते हुए उन्हें गढ़वा जिले के रंका भेज दिया गया है। दोनों पर मातृत्व अवकाश से संबंधित संचिका के निष्पादन में लापरवाही बरतने का आरोप है।
यह कार्रवाई उस विवादित मामले के बाद हुई है, जिसमें महिला शिक्षिका ने मातृत्व अवकाश स्वीकृत कराने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। आरोप है कि समय पर अवकाश स्वीकृत नहीं होने के कारण शिक्षिका के गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। इस मामले ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालांकि, मातृत्व अवकाश स्वीकृत करने के अंतिम प्राधिकारी जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) होते हैं। ऐसे में दो लिपिकों पर कार्रवाई होने के बावजूद डीईओ के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से विभागीय हलकों में कई सवाल उठ रहे हैं। चर्चा है कि यदि जांच निष्पक्ष और व्यापक हुई तो इसकी जद उच्च अधिकारियों तक भी पहुंच सकती है।
फिलहाल विभाग की कार्रवाई के बाद पूरे मामले पर सभी की नजरें टिकी हैं कि आगे की जांच में क्या नए तथ्य सामने आते हैं और क्या जिम्मेदारी तय करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।