नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढ़ी। बिहार के छोटे से गांव बदरोई से निकलकर विश्व मंच पर भारत का परचम लहराने वाले युवा योग खिलाड़ी दिलीप कुमार का मसौढ़ी पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर लौटे दिलीप के सम्मान में पूरे शहर में जश्न का माहौल देखने को मिला। जगह-जगह लोगों ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया और उनकी उपलब्धि पर गर्व जताया।
दिलीप कुमार ने विश्व योगासन चैंपियनशिप की ‘फॉरवर्ड बेंड’ स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर न केवल बिहार और मसौढ़ी, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। लोगों ने कहा कि दिलीप ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती।
स्वागत समारोह के दौरान दिलीप कुमार ने कहा कि उनका सपना गांव-गांव तक योग के प्रति जागरूकता फैलाना है। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन धरोहर है और हमारा देश विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, प्रशिक्षकों और शुभचिंतकों को दिया।
गौरतलब है कि यह प्रतिष्ठित वर्ल्ड योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप 2026 4 से 8 जून तक गुजरात के अहमदाबाद स्थित ट्रांसस्टेडिया में आयोजित हुई थी। प्रतियोगिता में 78 से अधिक देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया था। बिहार से इस चैंपियनशिप के लिए पांच खिलाड़ियों का चयन हुआ था, जिनमें दिलीप कुमार ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया।
बुधवार को मसौढ़ी में उनके स्वागत का सिलसिला सरवां रेलवे गुमटी से शुरू हुआ। इसके बाद नगर परिषद परिसर, स्टेशन रोड, मेन रोड, थाना रोड और कर्पूरी चौक सहित कई स्थानों पर लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
इस अवसर पर नगर परिषद की मुख्य पार्षद पिंकी देवी, शंभू सिंह, मुकेश कुमार, उपमुख्य पार्षद चंद्रकांत कुमार, वार्ड पार्षद उज्जवल कुमार, डॉ. राम जयपाल सिंह, नवल भारती, अभय कुमार, रामाधार प्रसाद, शिक्षाविद राहुल चंद्रा, डॉ. सुधीर कुमार सिंह, संतोष केसरी, डॉ. मंगल, मकसूद रजा, अरफराज साहिल, विश्वरंजन, मुन्ना मांझी, आशीष देव सहित सैकड़ों गणमान्य लोग और नागरिक मौजूद रहे।
दिलीप कुमार की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने मसौढ़ी के युवाओं में नया उत्साह भर दिया है। उनकी सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन गई है।